
शुभकामनाएँ
दिया & आरव
हमारी ओर से दो शब्द
हम इतनी शादियों में गए हैं कि पता है — सबसे अच्छे पल कभी कार्यक्रम में लिखे नहीं होते. ढोल संभाल लेने वाले चाचा. दो घंटे गायब रहकर सबके लिए जलेबी ले आने वाले चचेरे भाई-बहन.
तो यह निमंत्रण से ज़्यादा एक विनती है: हो सके तो पूरे आयोजन में आइए, और जो हिस्सा देर तक चले उसके लिए रुकिए.
स्नेह सहित














