दिया&आरव

विवाह · Monday, 14 December 2026
The Grand Bhuvan, Satellite, Ahmedabad

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|| श्री गणेशाय नमः ||

हमारे चि. आरव का शुभ विवाह चि.सौ.का. दिया के साथ निश्चित हुआ है।

हमारी ओर से दो शब्द

हम इतनी शादियों में गए हैं कि पता है — सबसे अच्छे पल कभी कार्यक्रम में लिखे नहीं होते. ढोल संभाल लेने वाले चाचा. दो घंटे गायब रहकर सबके लिए जलेबी ले आने वाले चचेरे भाई-बहन.

तो यह निमंत्रण से ज़्यादा एक विनती है: हो सके तो पूरे आयोजन में आइए, और जो हिस्सा देर तक चले उसके लिए रुकिए.

स्नेह सहित,
Diya & Aarav

हमारी कहानी

01

शुरुआत कहाँ से

राजकोट में एक चचेरे भाई के संगीत में, दिसंबर 2019. वह ऊँधियू की थाली सँभाले खड़ा था, किसी को देने का इरादा नहीं था. उसने फिर भी माँगा, और उसने पूरी थाली दे दी.

02

लंबा रास्ता

चार साल, दो शहर और बेशुमार देर रात की कॉल. हर दूसरे हफ़्ते अहमदाबाद से पुणे, जब तक हाइवे के ग्यारह घंटे सफ़र नहीं, घर लौटने का रास्ता न लगने लगे.

03

घर में बात

सैटेलाइट में एक इतवार की दोपहर चाय, और पहली बार दोनों घरों के माता-पिता एक कमरे में. दोनों माँओं ने पहले ही अंदाज़ा लगा लिया था, और पूरे बीस मिनट तक दोनों ने ऐसे दिखाया जैसे नहीं लगाया.

जहाँ दोनों परिवार तीस साल से शादियों में जाते आए हैं.

कार्यक्रम

हर दिन कहाँ पहुँचें

आशीर्वाद सहित

वधू पक्ष

  • रमेश और मीरा पटेल
  • नितिन और हेतल पटेल
  • ध्रुव पटेल
  • काव्या पटेल

वर पक्ष

  • सुरेश और अंजलि शाह
  • परेश और रीना शाह
  • ईशान शाह
  • दिया शाह

कैसे पहुँचें और कहाँ ठहरें

  • कैसे पहुँचें

    अहमदाबाद हवाई अड्डा जगह से 14 किमी — लगभग 35 मिनट, शाम छह बजे उतरें तो घंटा भर. कालूपुर स्टेशन 9 किमी. दोनों जगह ऑटो और कैब आसानी से मिलते हैं; सैटेलाइट, रामदेव नगर के पास बोलिए.

  • कहाँ ठहरें

    हमने होटल एम्बर और रिजेंटा में कमरे रखे हैं, दोनों हॉल से पाँच मिनट की दूरी पर. बुकिंग के समय शाह–पटेल शादी बता दीजिए, दर पहले से तय है.

  • आयोजनों के बीच

    हर आयोजन से चालीस मिनट पहले दोनों होटलों से बस चलती है और बाद में गेट पर खड़ी रहती है. गाड़ी ला रहे हों तो पार्किंग जगह पर ही है, मुफ़्त, और सुबह नौ से लोग मौजूद रहते हैं.

आपके पूछने से पहले

क्या हम बच्चों को ला सकते हैं?

हाँ, ज़रूर लाइए. मुख्य हॉल के बगल में एक कमरा है — दरी, कुछ खिलौने, और विधि के दौरान देखभाल करने वाला कोई.

असल में कितने बजे आना है?

शादी के लिए सुबह 10:45. मुहूर्त 11:11 का है और पंडित जी उसमें कोई ढील नहीं देते. बाक़ी सब देर से चलता है, और आम तौर पर चलता ही है.

पार्किंग है?

हाँ — मुफ़्त, जगह पर ही, और नौ बजे से लोग मौजूद रहते हैं. प्रवेश मुख्य गेट से नहीं, रामदेव नगर रोड से.

आप आएँगे ना?

भोजन की पसंद

कोई एलर्जी या विशेष आहार?

आप सपरिवार पधारकर प्रसंग की शोभा बढ़ाएँ यही विनती है।

निमंत्रण — तोरण